पीसीओएस और बांझपन का क्या है संबंध, जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

डिहाइड्रेशन के लक्षण, उपचार के टिप्स | Dehydration In Hindi

खानपान को संतुलित रखने के साथ ही सही मात्रा में पेय पदार्थ भी लेना चाहिए। अगर ऐसा न हो, तो कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। यहां हम पानी की कमी के कारण, लक्षण और इस कमी को दूर करने के तरीके बता रहे हैं।

हाइड्रेट रहना क्यों महत्वपूर्ण है?

हाइड्रेट रहने से कई समस्याओं को पनपने से रोकने में मदद मिलती है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर पब्लिश एक रिसर्च के अनुसार, शरीर में पानी की कमी होने पर कॉग्निशन एबिलिटी और शारीरिक गतिविधि से जुड़ी क्षमता कम हो सकती है। 

साथ ही पेशाब प्रणाली से संबंधित रोग - गुर्दे की पथरी, मूत्र पथ संक्रमण (Urinary tract infection) और क्रोनिक किडनी रोग की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, शरीर में पानी की कमी से हृदय रोग के जोखिम भी बढ़ सकते हैं (1)।

कितना पानी पीना चाहिए?

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित रिसर्च में प्रतिदिन 8-10 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है (2)। 

क्या नल का पानी पीना सुरक्षित है?

अगर नल का पानी ट्रीटेड नहीं है, तो उसे पीने पर कुछ जोखिम उत्पन्न हो सकता है (3)। दरअसल, नल के पानी में लेड होता है। लेड वाला पानी पीने से पेट में दर्द, कब्ज, थकान, सिरदर्द, भूख में कमी और कमजोरी हो सकती है (4)।  अगर किसी को नल का पानी पीना पड़े, तो पानी को उबालकर छान लें। फिर पानी पिएं।

शरीर में पानी की कमी के क्या कारण होते हैं?

शरीर में पानी की कमी होने के पीछे कई कारण होते हैं, जिनमें से कुछ कारण इस प्रकार हैं। 

  • कम पानी पीना - शरीर में पानी की कमी होने का सबसे मुख्य कारण कम मात्रा में पानी पीना है। कम मात्रा में पानी पीना और तरल पदार्थ का कम सेवन करने से निर्जलीकरण की स्थिति उत्पन्न हो जाती है (1)।
  • हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम - यह प्रेगनेंसी के समय होने वाली ऐसी स्थिति है, जिसमें महिलाओं को बहुत ज्यादा उल्टी और मतली होती है। ज्यादा उल्टी और मतली होने पर डिहाइड्रेशन के जोखिम बढ़ सकते हैं (5)।
  • दस्त - लोगों को दस्त होने से भी निर्जलीकरण होता है (6)। दस्त के कारण शरीर से अधिक तरह पदार्थ मल के जरिए बाहर निकल जाता है। ऐसी स्थिति में शरीर में पानी की कमी हो जाती है (7)।
  • एयर ट्रेवल - गर्भवती के शरीर में पानी की कमी होने का एक कारण प्लेन की यात्रा को भी माना जाता है। कैबिन में मौजूद हवा में कम नमी होती है। इससे शरीर में निर्जलीकरण हो सकता है (8)।
  • ह्यूमिडिटी के कारण - अगर किसी को गर्मी के कारण अधिक पसीना आता है, तो इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है (9)। ऐसी स्थिति में कुछ समय के अंतराल में पानी पीते रहना चाहिए।

पानी की कमी के लक्षण | Pani ki kami ke lakshan

शरीर में पानी की कमी होने पर कुछ लक्षण नजर आ सकते हैं। ये लक्षण कुछ इस तरह के हो सकते हैं (5) (10)।

  • पेशाब का रंग गहरा होना
  • त्वचा का बहुत ज्यादा रूखा नजर आना
  • कमजोरी महसूस होना
  • बहुत ज्यादा आलस आना
  • चक्कर आना
  • बहुत ज्यादा प्यास लगना
  • मुंह सुखना
  • सामान्य से कम पेशाब आना
  • कम पसीना आना

निर्जलीकरण के प्रभाव

अगर लंबे समय तक डिहाइड्रेशन हो जाए, तो कुछ नुकसान हो सकते हैं। लोगों में डिहाइड्रेशन का प्रभाव इस तरह से नजर आ सकता है (10)।

  • इससे कुछ लोगों को जान जाने का भी खतरा रहता है।
  • अधिक समय तक निर्जलीकरण होने पर स्थायी रूप से ब्रेन डैमेज होने का जोखिम उत्पन्न हो सकता है।
  • शरीर में पानी की कमी से दौरे पड़ सकते हैं।

हाइड्रेटेड रहने के लाभ

प्रेगनेंसी के समय हाइड्रेट रहने पर गर्भवती को कई तरह के लाभ हो सकते हैं। हाइड्रेट रहने के फायदों में ये शामिल हैं। 

  • कब्ज से बचाव - कब्ज से राहत पाने में पानी का सेवन मदद कर सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश मेडिकल रिसर्च में दिया है कि अधिक तरल पदार्थ का सेवन करने पर कब्ज को कम करने में सहायता मिल सकता है (2)।
  • यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन से बचाव - यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन यानी मूत्र प्रणाली में होने वाले संक्रमण को कम करने में शरीर का हाइड्रेशन मददगार हो सकता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, पानी पीने से यूटीआई की समस्या कम हो सकती है। इसके साथ ही एंटीमाइक्रोबियल युक्त अन्य दूसरे पेय पदार्थ का सेवन कर सकते हैं (11)।
  • थकान कम करे -  थकान को कम करने में हाइड्रेट रहना मददगार साबित हो सकता है। उसके लिए पानी या कोई अन्य तरल पदार्थ का सेवन किया जा सकता है (12)।
  • किडनी के लिए - शरीर के हाइड्रेट रहने पर किडनी को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, पानी का नियमित रूप से सेवन करने पर किडनी फिल्टर स्वस्थ रह सकते हैं (13)।
  • हृदय को स्वस्थ रखे - हृदय को रखने में हाइड्रेशन की भूमिका देखी जा सकती है। दरअसल, पानी शरीर के ब्लड वॉल्यूम और ब्लड प्रेशर को बनाए रखने में मदद करता है। इसका सीधा संबंध हृदय से होता है। अगर यह संतुलन में है, तो हृदय स्वस्थ रहता है (14)।

हाइड्रेटेड रहने के टिप्स | Treatment for Dehydration in Hindi

आप खुद को हाइड्रेट रखने के लिए कई तरीकों को अपना सकते हैं। इन तरीकों में ये शामिल हैं।

  • शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए नींबू, खीरा, पुदीना को पानी में डालकर ले सकते हैं।
  • इस समय फलों के इस्तेमाल से बनाए गए स्मूदी और जूस का सेवन करने पर भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद मिल सकती है (15)।
  • सुबह उठाते ही एक से डेढ़ गिलास पानी का सेवन करें।
  • घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखें।
  • कुछ खाद्य पदार्थ में पानी की अच्छी मात्रा होती है, जिसके सेवन से शरीर हाइड्रेट रह सकता है।
  • शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए नारियल पानी पी सकते हैं।

पानी की कमी को रोकने के लिए नियमति रूप से समय-समय पर पानी पीते रहना चाहिए। इससे शरीर में पानी की मात्रा बनी रहती है और कई परेशानियों को उत्पन्न होने से रोका जा सकता है।

टिप्पणियाँ