प्रस्तुतकर्ता
Sunita Regmi
Pregnancy
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
लाइफस्टाइल में लापरवाही से कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार तो लोग ऐसी समस्या से जूझते हैं, जिसका नाम शायद ही पहले कभी सुना हो। उनमें से एक समस्या हाइपोनेट्रिमिया है। यह दिक्कत किसी को भी हो सकती है। ऐसे में हाइपोनेट्रिमिया के कारण और हाइपोनेट्रिमिया का इलाज के बारे में यहां विस्तार से जानें।
सबसे पहले पढ़ते हैं हाइपोनेट्रिमिया क्या है?
रक्त में सोडियम का स्तर निम्न होने को चिकित्सकिय भाषा में हाइपोनेट्रेमिया कहते हैं। सोडियम एक इलेक्ट्रोलाइट यानी खनिज है, जो ब्लड प्रेशर को मेंटेन करता है। सोडियम अधिकतर कोशिकाओं के बाहर शरीर के तरल पदार्थ में पाया जाता है।
नसों, मांसपेशियों और शरीर के अन्य ऊतकों को भी ठीक से काम करने के लिए सोडियम की जरूरत होती है। जब कोशिकाओं के बाहर तरल पदार्थों में सोडियम की मात्रा सामान्य से कम होती है, तो स्तर को संतुलित करने के लिए पानी कोशिकाओं में चला जाता है। बहुत अधिक पानी होने के कारण कोशिकाएं फूल जाती हैं, जिसमें विशेष रूप से मस्तिष्क की कोशिकाएं प्रभावित होती हैं (1)।
एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध में हाइपोनेट्रिमिया को परिभाषित करते हुए बताया गया है कि शरीर में सोडियम की मात्रा <135 meq/l से कम हो, तो हाइपोनेट्रिमिया हो जाता है। हाँ, कुछ मामलों में यह मात्रा भिन्न भी हो सकती है (2)।
हाइपोनेट्रिमिया क्या है जानने के बाद हाइपोनेट्रिमिया के कारण जानेंगे।
हाइपोनेट्रिमिया के कारण शरीर में सोडियम से जुड़ी समस्या होती है। दरअसल, हाइपोनेट्रिमिया की समस्या में शरीर में सोडियम का स्तर कम हो जाता है। आइए, जानते हैं कि हाइपोनेट्रिमिया होने का कारण यानी शरीर में सोडियम कम कैसे होता है (1) (3)।
आगे जानते हैं हाइपोनेट्रिमिया के लक्षण।
हाइपोनेट्रिमिया के लक्षण कई हो सकते हैं, जिनके बारे में हम नीचे बता रहे हैं (1):
हाइपोनेट्रिमिया के लक्षण के बाद अब इसके जोखिम कारकों को जानते हैं।
हाइपोनेट्रिमिया के जोखिम कारक कई हैं, जिसके बारे में हम नीचे बता रहे हैं (4)।
अब जानें हाइपोनेट्रिमिया का निदान कैसे हो सकता है।
हाइपोनेट्रिमिया के निदान के लिए डॉक्टर निम्नलिखित सवाल पूछ सकते हैं व खास परीक्षण की सलाह भी दे सकते हैं (1)।
निदान के बाद अब जानते हैं हाइपोनेट्रिमिया का इलाज।
डॉक्टर हाइपोनेट्रिमिया का इलाज जीवन शैली में कुछ बदलाव कर या फिर दवाइयों की मदद से होता है, जो प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। आइए, नीचे जानते हैं हाइपोनेट्रिमिया का इलाज कैसे होता है (1):
अंत तक पढ़ें
लेख के आखिरी भाग में जानते हैं कि हाइपोनेट्रिमिया से बचने के उपाय क्या हैं।
हाइपोनेट्रिमिया का इलाज बताने के बाद हम यहां हाइपोनेट्रिमिया से बचने के उपाय बता रहे हैं (1)।
हाइपोनेट्रिमिया को हल्के में लेकर अनदेखा न करें, क्योंकि ये गंभीर समस्या भी उत्पन्न कर सकता है। लेख में हाइपोनेट्रिमिया का इलाज भी बताया गया है, जिसे अपनाकर इस परेशानी से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।
जब शरीर का सोडियम स्तर बहुत अधिक गिर जाता है, तो यह एक जानलेवा स्थिति भी साबित हो सकती है। अगर सोडियम का स्तर लो है, तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसके लिए हाइपोनेट्रिमिया के लक्षण पर गौर करें जैसे कि भ्रम, बेहोशी, बेचैनी, भूख में कमी, थकान, आदि (1)।
हां, बिल्कुल शरीर में सोडियम के स्तर को संतुलित कर हाइपोनेट्रिमिया को ठीक किया जा सकता है (1)। ऐसे में हाइपोनेट्रिमिया के लक्षण दिखते ही सही समय पर इलाज कराएं।
हाइपोनेट्रिमिया में कोशिकाओं के बाहर तरल पदार्थों में सोडियम की मात्रा सामान्य से कम हो जाती है, जिसे संतुलित करने के लिए पानी कोशिकाओं में चला जाता है। इससे कोशिकाएं फूल जाती हैं। ऐसी स्थिति में विशेषरूप से मस्तिष्क की कोशिकाएं सूजन के प्रति संवेदनशील हो जाती हैं (1)।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें